नए भारत की उम्मीदों को पूरा करने वाला बजट


मोदी सरकार के वर्तमान सरकार का अन्तिमे पूर्ण बजट केंद्रीय वित्त मंत्री और कॉरपोरेट मामले के मंत्री माननीय अरुण जेटली ने देश के गांवों , किसान और गरीबों के विकास को बढ़ावा देने वाला बजट पेश किया। मौजूदा सरकार ने इस बजट के द्वारा कृषि, सामाजिक क्षेत्र, डिजिटल भुगतान, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर तथा रोजगार सृजन को पर्याप्त बढ़ावा देने के प्रति सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की । संसद में बजट भाषण के दौरान दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना का ऐलान वित्तमंत्री महोदय द्वारा किया गया है। इसके तहत अब देश के 50 करोड़ लोगों को इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक कैशलेस सुविधा दी जाएगी जो की पूर्णतया गरीब व माध्यम वर्ग के लोगो को ध्यान में रखते हुए किया गया है ।
आम बजट- 2018-19 के मुख्य अंश इस प्रकार हैं।
• 2018-19 के दौरान कुल व्यय 24.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान
• 2018-19 के लिए बजट घाटे को जीडीपी के 3.3 प्रतिशत रहने का अनुमान
• सरकार के लिए सबसे अधिक चुनौती ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आ रहे ठहराव को दूर करने की है
जीएसटी के बाद कर संग्रह में बढ़ोतरी हुई। टैक्स देने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई

• देश में कारोबार करना आसान हुआ है। 2 दिन में पासपोर्ट मिलने की सुविधा
• सरकार विनिर्माण सेवाओं और निर्यातों के क्षेत्र में आठ प्रतिशत से अधिक की आर्थिक विकास दर प्राप्‍त करने के प्रति वचनबद्ध है
कृषि व ग्रामीण
• देश में कृषि उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा। देश में 275 मिलियन टन अनाज का उत्पादन हुआ। सब्जियों और फलों का रिकॉर्ड उत्पादन
• 2022 तक किसानों की आय दोगुनी होगी। किसानों के लिए एमएसपी बढ़ाया गया। 22000 से ज्यादा हाट कृषि बाजार में बदले जाएंगें
• ग्रामीणों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए गोबर-धन योजना के शुभारंभ की घोषणा की गई
• कृषि संपदा योजना में 1400 करोड़ रुपये दिए जाएंगें
• पशुपालन और मछली पालन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड
• आलू प्याज की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा
• सूक्ष्म सिंचाई कोष बनाई जाएगी। सिंचाई के लिए 2600 करोड़ रुपये का फंड
• बांस की पैदावार बढ़ाने के लिए 1290 करोड़ रुपये
• कृषि निर्यात बढ़ाने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगें। 100 बिलियन डॉलर के निर्यात की क्षमता
• फूड प्रोसेसिंग सेक्टर 8 फ़ीसदी की रफ्तार से बढ़ रहा है
कृषि प्रोसेसिंग सेक्टर के लिए 1400 करोड़ रुपये
• 500 करोड़ रुपए की राशि ऑपरेशन ग्रीन्‍स प्रारंभ करने का सरकार का प्रस्‍ताव है
• किसानों को कर्ज के लिए बजट में 11 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव
• 42 मेगा फूड पार्क बनाए जाएंगे
• उद्योग की तरह कृषि में भी मॉडल कलस्टर योजना लागू
कल्याण योजना
• अनुसूचित जातियों के लिए 56,619 करोड़ रूपये और अनुसूचित जन-जातियों के लिए 39,135 करोड़ रूपये का आवंटन
• अगले वित्तीय वर्ष में दो करोड़ शौचालय बनाएं जाएंगें
• ईज ऑफ लिविंग पर भी जोर दिया गया। गैरजरूरी नियम खत्म किए गए। सरकारी सेवाएं ऑनलाइन हुई
उज्जवला योजना से 8 करोड़ महिलाओं को गैस कनेक्शन
• 4 करोड़ गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन
• दिल्ली -एनसीआर में प्रदूषण घटाने की नई योजना
• शहरी क्षेत्र में 37 लाख नए घर बनाए जाएंगें
• पीएम आवास योजना में एक करोड़ दस लाख मकान
• स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर 1.38 लाख करोड़़ रुपए व्यय का अनुमान
• महिलाओं के स्‍वयं सहायता समूहों के ऋण को बढ़ाकर 75 हजार करोड़ रुपए किया गया
• राष्‍ट्रीय ग्रामीण आजीविका कार्यक्रम के लिए 5750 करोड़ रुपए का प्रस्‍ताव
• राष्‍ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के लिए वर्ष 2018-19 में 9975 करोड़ रुपए का प्रावधान
शिक्षा
• अगले चार वर्षों के दौरान अनुसंधान एवं बुनियादी ढांचे की बेहतरी के लिए 1,00,000 करोड़ रुपये की पहल
• ‘प्राइम मिनीस्‍टर्स रिसर्च फेलोज (पीएमआरएफ)’ योजना शुरू करने की घोषणा
• हर साल प्रमुख संस्‍थानों से 1000 बेहतरीन बीटेक छात्रों को आकर्षक फेलोशिप के साथ आईआईटी एवं आईआईएससी में पीएचडी करने के लिए सुविधा
• हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का प्लान। नर्सरी से 12 वीं तक की पढ़ाई के लिए एक नीति
• वर्ष 2022 तक एसटी की 50 फीसदी आबादी और कम से कम 20,000 आदिवासी वाले प्रत्‍येक ब्‍लॉक में एकलव्‍य मॉडल रेजिडेंशियल स्‍कूल खोलने का निर्णय
• राष्‍ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के लिए 9975 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा
स्वास्थ्य
• नए भारत के लिए आयुष्मान भारत 2022 की घोषणा
• 1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रो के लिए 1200 करोड़ रुपये का आवंटन
• 10 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवारों 5 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना, इससे 50 करोड़ लोगों को फायदा होगा
• 5 लाख नए स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगें
• हेल्थ वेलनेस सेंटर के लिए 1200 करोड़
• 5 संसदीय क्षेत्रों पर एक मेडिकल कॉलेज खुलेगा
• 24 नए सरकारी चिकित्सा कॉलेजों और अस्पतालों की स्थापना की जाएगी
• टीबी मरीजों को हर महीने 500 रुपये की सरकारी मदद
• गरीबों के लिए मुफ्त डायलिसिस की सुविधा
बुनियादी क्षेत्र ( इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर)
• बुनियादी क्षेत्र के आवंटन में 5.97 लाख करोड़ रुपए तक की वृद्धि
• परिवहन क्षेत्रों को अब तक का सबसे अधिक आवंटन किया गया
• हवाई अड्डा क्षमता के विस्‍तार के लिए एनएबीएच निर्माण पहल की घोषणा
• 10 महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्‍थलों को वि‍कसित किया जाएगा
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के लिए आवंटन को दोगुना किया गया, साइबर भौतिक प्रणालियों पर अभियान का शुभारंभ होगा
• दूरसंचार बुनियादी ढांचे के निर्माण और संवर्धन के लिए 10 हजार करोड़ रुपए
• ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के लिए 14.34 लाख करोड़ रुपये आवंटित
• 2018-19 में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के लिए 3073 करोड़ रुपये के दोहरे आवंटन की घोषणा
स्मार्ट शहर मिशन का लक्ष्य 100 शहरों को आधुनिक सुविधा वाला बनाना है
• अमृत योजना के अंतर्गत 500 शहरों के लिए 77,640 करोड़ रुपये अनुमोदित
रेलवे
• रेलवे के विस्तार पर 1.48 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे
मुंबई रेल नेटवर्क के लिए 11,000 करोड़ रुपये
• बैंगलुरू मेट्रो नेटवर्क के लिए 17,000 करोड़ रुपये
• हाई स्‍पीड रेल परियोजनाओं के लिए वडोदरा में संस्थान बनेगा
• रेल की लगभग 3600 किमी पटरियों के नवीकरण का लक्ष्य
• अगले दो वर्ष में 4267 मानव रहित क्रासिंग को समाप्त करने का लक्ष्य
• 600 प्रमुख रेलवे स्टेशन फिर से विकसित किए जाएंगे
उद्योग
• प्रत्येक उद्यम को एक अनूठा पहचान पत्र दिया जाएगा
• सार्वजनिक क्षेत्र की तीन बीमा कंपनियों – नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, यूनाईटेड इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और ऑरिएंटल इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड का विलय होगा
• भारतीय खाद्य निगम की पूंजी की पुनर्संरचना की जाएगी
• दो बीमा कंपनियों समेत सार्वजनिक क्षेत्र के 14 केन्द्रीय उद्यमों को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की मंजूरी
• एमएसएमई को ऋण एवं नवाचार के लिए 3794 करोड़ रूपये
• कपड़ा क्षेत्र के लिए 7148 करोड़ रूपये आवंटित
• 2017-18 की अवधि के दौरान विनिवेश के जरिए रिकार्ड एक लाख करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है
• बैंकों के नई पूंजी उपलब्ध कराने के कार्यक्रम से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक 5 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त उधार दे सकेंगे
• सरकार ने 24 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में नीतिगत विनिवेश की प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें एअर इण्डिया का नीतिगत निजीकरण शामिल है
• घरेलू मूल्य वर्द्धन एवं ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्साहित करने के लिए मोबाइल फोन और टीवी के कलपुर्जों पर सीमा शुल्क बढ़ाया गया
• कंपनियों को कॉरपोरेट टैक्स में भारी छूट का ऐलान। 30 प्रतिशत टैक्स घटा कर 25 प्रतिशत किया गया
• कर-राहत से 99 प्रतिशत छोटे उद्यमों को फायदा होगा
• कर-राहत से सरकार को 7000 करोड़ रुपये की राजस्व-हानि
श्रम
मुद्रा योजना के लिए 3 लाख करोड़ रुपए का आवंटन
• नई नौकरियों में 12 प्रतिशत ईपीएफ देगी सरकार
• 70 लाख नई नौकरी देने की योजना
• महिलाओं के लिए शुरुआती तीन सालों के लिए ईपीएफ़ योगदान घटाकर 8 फ़ीसदी
• देश के हर जिले स्किल सेंटर बनेगा
• 2020 तक 50 लाख युवाओ को छात्रवृति
रक्षा
• दो रक्षा औद्योगिक गलियारे विकसित किए जाएंगे
• सरकार औद्योगिक अनुकूल रक्षा उत्पादन नीति 2018 लाएगी
• रक्षा क्षेत्र के लिए पर्याप्त बजट सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता रहेगी
टैक्स
• केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) का नाम बदल कर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) रखा जाएगा
• 250 करोड़ की कंपननियां 25 प्रतिशत टैक्स के दायरे में
• नोटबंदी से 1000 करोड़ का टैक्स आया
इनकम टैक्स से 90000 करोड़ की कमाई
• इनकम टैक्स देने वालों की संख्या 19.25 लाख बढ़ी
• प्रत्यक्ष कर कलेक्शन 12.6 प्रतिशत तक बढ़ा
• इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
• स्टैंडर्ड डिडक्शन सिस्टम की फिर शुरुआत, 40,000 रुपये तक स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। सैलरी से 40000 घटा कर टैक्स देना होगा
• बुजुर्गों को डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री। बैंकों तथा डाकघरों में जमा राशि पर ब्याज आय में छूट 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए की गई है
• मेडिकल खर्च में छूट की सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 40 हजार की गई
• शिक्षा, स्वास्थ्य पर सेस अब 3 प्रतिशत से बढ़ कर 4 फीसदी होगा
• 1 लाख रुपये से ज्यादा के दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर 10 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया
• इक्विटी उन्मुख म्यूचुअल फंड द्वारा वितरित आय पर 10 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाने का भी प्रस्ताव
• 100 करोड़ की कृषि कंपनियों पर कोई टैक्स नहीं
• 31 जनवरी, 2018 के बाद खरीदे गए शेयर पर 10 प्रतिशत टैक्स
• ई-असेसमेंट स्कीम पूरे देश में लागू होगी
• महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के लिए बजट में 150 करोड़ रुपए की राशि आवंटित
मोदी सरकार के कार्यकाल की तरह ही आगामी एक फरवरी को पेश होने वाला केंद्रीय आम बजट 2018-19 भी कई मायनों में ऐतिहासिक और दिलचस्प होगा
• सरकार द्वारा जी एस टी लागू करने के बाद यह पहला आम बजट होगा।
• भारत के 93 सालों के इतिहास में यह दुसरा मौका तथा जी एस टी लागू होने के बाद पहला मौका है जब रेल बजट और आम बजट एक साथ पेश होगा।
• तारीखों के हिसाब से सामान्य तौर पर 28 फरवरी को पेश होने वाला केंद्रीय आम बजट इस वर्ष 1 फरवरी को यानी सत्ताइस दिन पहले ही पेश होने जा रहा है। अंग्रेजी हुकूमत के समय सन् 1924 ई• से परम्परागत फरवरी महीने के आखिरी तारीख को पेश होने वाले इस आम बजट का मिथक टूटेगा।
• और दिलचस्प इसिलिए क्योंकि इस आम बजट को सियासी गलियारों से लेकर आम आदमी तक के बीच 'चुनावी बजट' के रुप में आंका जा रहा है, चूंकि आगामी वर्ष में लोकसभा चुनाव होने हैं और यह संभावित चुनाव पूर्व अंतिम आम बजट होगा, इसिलिए इस बजट को लोग लोक-लुभावन बजट होने का दावा कर रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार अपने राजकोषीय घाटे को कम रखने की कोशिश जारी रखती है या चुनावी सहानुभूति हासिल करने के लिए लोक-लुभावन पिटारा खोलती है ।
बहरहाल हाल के दिनों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा दिए गए वक्तव्यों "भारत की जनता को मुफ्त की सेवा नहीं, ईमानदार सरकार पसंद है।" से पता चलता है कि इस आम बजट से मोदी सरकार लोक-लुभावन फैसलों और पूर्व की सरकारों की तरह चुनावी शिगूफा बनाके इस्तेमाल करने से इतर देश को भविष्य में आर्थिक महाशक्ति के रूप में पेश करने तथा राजकोषीय घाटे को कम रखते हुए विकास दर को बढ़ाने और स्थिर रखते हुए बजट पेश कर सकती है ।
संभावना है कि मोदी सरकार जहाँ अपने राजकोषीय घाटे का 3.2 फ़ीसदी लक्ष्य हासिल करने की कोशिश करेगी, वहीं मध्यवर्गीय परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तीन करोड़ लोगों को अपना घर देने के लक्ष्य को बढाने, एंव किसानों के लिए 2022 तक आय दोगुनी करने का लक्ष्य, ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी खर्च बढ़ाने, सिंचाई के योजनाओं में केंद्र सरकार का वित्तीय मदद बढ़ाने, सहित वर्तमान में मध्यप्रदेश में चल रही भवांतर योजना को पूरे देश में लागू करने, लॉंग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स और डिविडेंड टैक्स में बदलाव, मध्यवर्ग को आयकर की दरों में राहत देने जैसी तमाम छोटी-बड़ी घोषणा कर सकती है।
केंद्रीय आम बजट की बात हो और महिलाओं के लिए कुछ खास ना हो, ऐसा सोचने वालों के लिए मोदी सरकार क्या कुछ खास करने जा रही है, ये बेहद खाश होगा।
पिछले बजट में सरकार ने जहाँ महिलाओं को शक्ति प्रदान कर उनके विकास और सुरक्षा के नाम पर 1.84 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया था वहीं इस बार
कामकाजी महिलाओं के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट और उसमें सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिला सुरक्षा के लिए पिछली बार से ज्यादा बजट तय करना सरकार की प्राथमिक सूची में है या नहीं ये देखना भी दिलचस्प होगा । हालांकि महिला अधिकारों के मुद्दे पर सरकार ने तीन तलाक़ जैसे कुप्रथा पर गंभीर रुख़ अख्तियार कर अपनी मंशा ज़ाहिर कर चुकी है ।"
एक रिपोर्ट के अनुसार मोदी सरकार के कार्यकाल में रोजगार के क्षेत्र में कमी आई है, सरकार पर रोजगार सृजन के क्षेत्र में असफल होने का आरोप लगाया जा रहा है ।
हाल ही में प्रधानमंत्री जी द्वारा देश के प्रसिद्ध टीवी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने ईपीएफ के आंकड़ों का जिक्र करते हुए 70 लाख लोगों का इससे जुड़ने और मुद्रा योजना के तहत दस करोड़ लोगों को चार लाख करोड़ रुपये का लोन दिए जाने की बात कही। (जिसमें तीन करोड़ रुपए का लोन ऐसे लोगों को दिया गया जो कभी बैंक से एक रुपये का भी लोन नहीं लिया)
प्रधानमंत्री जी द्वारा लोगों को अपना नज़रिया बदल कर देखने की बात और स्वरोजगार को भी रोजगार की श्रेणी में रख कर आंकने की बात कहने एंव लोगों को कौशल विकास योजना के तहत आत्मनिर्भर बनाए जाने जैसे संदेशों से साफ़ जाहिर होता है कि सरकार अपने दूरदर्शी विजन को ध्यान में रखते हुए ही बजट की रूपरेखा तैयार करेगी।
अब देखना दिलचस्प होगा कि इस केंद्रीय आम बजट में सरकार अपने "सबका साथ सबका विकास" के मंत्र को और भी मजबूती और जिम्मेदारी से चरितार्थ करते हुए देश हित और आमजनों के हित में क्या सौगात ले के आती है।