देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले में मुख्य आरोपी के रूप में उभरकर सामने आए जानेमाने अरबपति आभूषण कारोबारी नीरव मोदी के खिलाफ एफआइआर दर्ज हो गया है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके 9 ठिकानों पर छापा मारा है। इसमें नीरव मोदी का मुंबई स्थित घर और शोरूम भी शामिल है। फिलहाल तलाशी अभियान जारी है और नीरव मोदी के हर ठिकानों पर दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। आपको बता दें कि पंजाब नेशनल बैंक ने अपने मुंबई स्थित एक शाखा में 11,346 करोड़ रुपए का घोटाला होने का खुलासा किया है, जिसके बाद से वित्त मंत्रालय और पूरे बैंकिंग क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
(राशि करोड़ रु में)
कंपनी एलओयू एफएलसी
सोलर एक्सपोर्ट 2152.88
स्टेलर डायमंड 2134.71
डायमंड आर यूएस 2210.61
गीतांजलि जेम्स 2144.37 575.11
गिली इंडिया 566.65 625.40
नक्षत्र 321.10 598.85
कुल योग 9539.38 1799.36
माल्या मामले से बड़ा है पीएनबी घोटाला
यह बैंकिंग घोटाला भगौड़ा घोषित किए गए शराब कारोबारी विजय माल्या के घोटाले से भी बड़ा है। उन पर भारतीय बैंकों का 9,000 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। फिलहाल वह लंदन में हैं और कानूनी कार्यवाही जारी है।


घोटाले के खुलासा पूरे बैंकिंग क्षेत्र में हड़कंप
नीरव मोदी के खिलाफ पीएनबी ने एक पखवाड़े पहले ही 280 करोड़ रुपए के जालसाजी का आरोप लगाते हुए जांच सीबीआइ को सौंपी थी। पीएनबी ने बुधवार सुबह शेयर बाजार को सूचना देकर अपनी एक शाखा में की गई इस धांधली के बारे में जानकारी दी।
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2010 से चल रहा था हेर-फेर का मामला
यह मामला वर्ष 2010 से चल रहा था। पीएनबी ने बताया कि उसने मुंबई स्थित अपनी एक शाखा में कुछ गड़बड़ी दर्ज की है। कुछ खाताधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए लेन देन की गई है। इन लेन देन के आधार पर ग्राहकों को दूसरे बैंकों ने विदेशों में कर्जे दिए हैं। इस लेन देन का आकार 1.77 अरब डॉलर है। इसकी सूचना जांच एजेंसियों को दी गई है, ताकि कानून के तहत दोषियो के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
जानिए कौन हैं नीरव मोदी और कैसे बने अरबपति
देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक के फर्जी लेनदेन मामले में आरोपी 48 वर्षीय नीरव मोदी दुनिया की डायमंड कैपिटल कहे जाने बेल्जियम के एंटवर्प शहर के मशहूर डायमंड ब्रोकर परिवार से संबंध रखते हैं। ज्वेलरी डिजाइनर 2.3 अरब डॉलर के फायरस्टार डायमंड के संस्थापक हैं।
उनके ग्राहकों में दुनिया के जाने-माने लोग शामिल हैं, जिनमें केट विंस्लेट, रोजी हंटिंगटन-व्हाटली, नाओमी वॉट्स, कोको रोशा, लीजा हेडन और एश्वर्या राय जैसे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय अभिनेत्रियां शामिल हैं।
तीसरी पीढ़ी के इस युवा कारोबारी ने एक दोस्त के कहने पर पहली ज्वेलरी डिजाइन की। दोस्त की खुशी देखकर उन्हें इसी काम को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली। उस दोस्त के कहने पर उन्होंने जो पहली इयरिंग्स डिजाइन की थी, उसमें जड़े हीरों की तलाश में कई शहरों में भटके और उनकी खोज मॉस्को में पूरी हुई। उन हीरों को देखकर उनके दोस्त की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यहीं से उनके डिजाइनर बनने की कहानी शुरू हुई। आज वे उस एकमात्र भारतीय ज्वेलरी ब्रांड के मालिक है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित है।
मामा-भांजे ने लगाया हजारों करोड़ का चूना
देश के बैंकिंग क्षेत्र को हिला देने वाले पीएनबी घोटाले की शुरुआत 2013 में इलाहाबाद बैंक की निदेशक मंडल की बैठक में ही हो गई थी। नई दिल्ली में हुई उस बैठक में गीतांजलि ज्वेलर्स के मालिक मेहुल चौकसी को 550 करोड़ रुपये देने को मंजूरी दी गई थी। मेहुल चौकसी रिश्ते में घोटालेबाज नीरव मोदी के मामा हैं। बाद में मामा-भांजे ने मिलकर बैकों को हजारों करोड़ का चूना लगाया। चौकसी को बैंक की हांगकांग शाखा से भुगतान किया गया था।
इलाहाबाद बैंक पीएनबी सहित देश के चार अन्य सरकारी बैंकों को लीड करता है। आभूषण कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि, नक्षत्र और गिन्नी ज्वेलरी चेन चलाने वाले मेहुल चौकसी मूलत: गुजरात के हैं। दोनों मुंबई में रहते हैं। नई दिल्ली के होटल रेडीसन में 14 सितंबर, 2013 को इलाहाबाद बैंक के निदेशक मंडल की बैठक हुई। इसमें भारत सरकार की ओर से नियुक्त निदेशक दिनेश दुबे ने चौकसी को 550 करोड़ लोन देने का विरोध किया। 16 सितंबर को इस बैठक की जानकारी दुबे ने भारतीय रिजर्व बैंक के तत्कालीन डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती को दी। इसके बाद बैंक अधिकारियों को तलब भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद मेहुल चौकसी को बैंक की हांगकांग शाखा से भुगतान कर दिया गया।
पीएनबी घोटाले में ED के लगातार छापे, एक ही दिन में लगभग आधी रकम बरामद
पीएनबी घोटाले के खुलासे के एक दिन के भीतर ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) 11,400 करोड़ रुपये के घोटाले की आधी रकम जब्त करने में सफल रहा है। देर शाम तक आरोपियों की 5100 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी थी। ईडी की कोशिश आरोपियों की अधिक-से-अधिक संपत्ति जब्त कर घोटाले की रकम बरामद करने की है। इसके साथ ही ईडी ने जनवरी में विदेश चले गए आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का पासपोर्ट निरस्त करने के लिए विदेश मंत्रालय से कहा है।
ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार घोटाले की अधिक-से-अधिक रकम बरामद करने के लिए आरोपियों के मुंबई, सूरत, जयपुर, दिल्ली और हैदराबाद स्थित 17 ठिकानों पर छापा मारा गया। छापे के दौरान कुल 5100 करोड़ रुपये मूल्य की ज्वेलरी, सोना और हीरे जब्त किये गए। 5100 करोड़ रुपये इनकी बुक वैल्यू है। यानी इनकी बाजार की कीमत इससे कहीं ज्यादा होगी। इनमें से अकेले हैदराबाद में 3800 करोड़ रुपये की ज्वेलरी, सोना और हीरे जब्त किये गए। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जयपुर में भी बड़ी मात्रा में ज्वेलरी, सोना और हीरे मिले हैं, जिनकी कीमत आंकी जा रही है। यानी जब्ती की रकम और बढ़ सकती है।
हीरे, ज्वेलरी और सोना जब्त करने के साथ ही ईडी ने आरोपियों के मुंबई स्थित छह ठिकानों को सील कर दिया है। वहीं नीरव मोदी के दफ्तर से मिले 3.9 करोड़ रुपये की फिक्स डिपोजिट को भी ईडी ने कब्जे में ले लिया है। ईडी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जैसे-जैसे आरोपियों के नए ठिकानों का पता चल रहा है, छापे की कार्रवाई आगे बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि अगले एक-दो दिनों तक यह जारी रह सकता है। इसके साथ ही ईडी आरोपियों की अचल संपत्ति का भी पता लगा रही है। जिन्हें बाद में जब्त किया जाएगा। ईडी अधिकारी ने आश्वस्त किया कि इस बार घोटाले की अधिकांश रकम आरोपियों से बसूल कर लिया जाएगा।
आरोपियों के पासपोर्ट होंगे निरस्त
ईडी को चिंता सता रही है कि विदेश रह रहा नीरव मोदी, उसकी पत्नी अमी मोदी और मेहुल चोकसी घोटाले के खुलासे के बाद कहीं वापस नहीं लौटे और विजय माल्या व ललित मोदी की तरह विदेश में ही न रह जाए। इस आशंका को देखते हुए ईडी ने विदेश मंत्रालय को इन तीनों का पासपोर्ट रद्द करने के लिए कह दिया है। वैसे ईडी को अभी तक यह साफ नहीं है कि अमेरिका की रहने वाली अमी मोदी के पास भारतीय पासपोर्ट है या नहीं। माना यह जा रहा है कि वह अमेरिकी नागरिक हैं।
घोटाला करने वाले अधिकारी ने खरीदा चार करोड़ का मकान
वहीं पीएनबी में नीरव मोदी और उसकी कंपनियों के लिए नियमों की धज्जियां उड़ाकर लेटर आफ अंडरस्टैंडिंग जारी करने वाला सेवानिवृत हो चुका उप प्रबंधक गोकुलनाथ शेट्टी भी फरार है। ईडी और सीबीआइ उनकी तलाश कर रही है। ईडी को जानकारी मिली है कि गोकुलनाथ शेट्टी ने पिछले साल 31 मई को सेवानिवृत होने के बाद मुंबई में 3.9 करोड़ रुपये का घर खरीदा था। ईडी इसकी पुष्टि कर रही है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुष्टि होने के बाद शेट्टी के इस घर को भी जब्त कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी आरोपियों को सम्मन भेजकर पूछताछ के लिए हाजिर होने के लिए कहा जाएगा। यदि कोई आरोपी पूछताछ के लिए नहीं आता है, तो उसके खिलाफ अदालत से वारंट जारी भी किया जा सकता है।
दरअसल मंगलवार को पीएनबी में 11400 करोड़ रुपये के घोटाले की खबर मिलते ही सरकार सक्रिय हो गई। ईडी को मनी लांड्रिंग के तहत तत्काल कार्रवाई शुरू कर आरोपियों के पास से घोटाले की रकम जब्त करने को कहा गया। बुधवार को राजपत्रित अवकाश होने के बावजूद ईडी अधिकारी दफ्तर पहुंचे। पीएनबी के प्रबंध निदेशक सुनील मेहता खुद ईडी जाकर घोटाले की मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत जांच करने का अनुरोध किया। शाम तक ईडी केस दर्ज कर चुका था और गुरूवार की सुबह से ही आरोपियों के ठिकानों पर छापा मारने की कार्रवाई शुरू हो गई।
यहाँ मै ये भी बता दू की आज दोपहर यानि १५.२.२०१८ को दोपहर को कांग्रेस प्रवक्ताओ की एक पूरी टीम न्यूज़ चैनलों पर बैठ कर ये साबित करने पर तुले हुए थे के मोदी सरकार के कारण ये घोटाला हुआ है किन्तु कांग्रेस प्रवक्ता ये बताने में शर्म महसूस कर रहे थे के मामला २०१० से शुरू हुआ जिसको दबाया गया सुरजेवाला ने सवालिया अंदाज में यह भी कहा कि मोदी सरकार की नाक की नीचे नीरव मोदी और मेहुल चोकसी फर्जी लेटर्स ऑफ अंडरस्टैंडिंग के जरिए पूरे बैंकिग सिस्टम के साथ धोखा कैसे कर सकते हैं? छोटे मोदी द्वारा किए गए इस बैंक घोटाले के लिए कौन जिम्मेदार होगा?
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी पीएनबी घोटाले को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने तंज अंदाज में ट्वीट किया, 'नीरव मोदी ने समझाया है कि भारत को कैसे लूटा जा सकता है। सबसे पहले पीएम मोदी को गले मिलो, दावोस में पीएम मोदी के साथ भी नजर आओ। देश के 12000 करोड़ रुपए चुराओ और विजय माल्या की तरह देश से पैसे लेकर भाग जाओ।
केजरीवाल ने सरकार पर लगाया मिलीभगत का आरोप
केजरीवाल ने सरकार पर लगाया मिलीभगत का आरोप
वहीं, अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर पीएनबी घोटाले में मोदी सरकार की मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट किया, 'क्या ये संभव है कि विजय माल्या या नीरव मोदी (वह) भारतीय जनता सरकार की मिलीभगत के बगैर देश से बाहर चले जाएं?'
भाजपा ने घोटाले को बताया यूपीए सरकार का नतीजा
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हालांकि रक्षा मंत्री निर्मला सीमारमण ने कहा है कि जो भी सामने आ रहा है, वो पिछली यूपीए सरकार का नतीजा है। निश्चित रूप से इस पर कार्रवाई होगी। वहीं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एसपी शुक्ला ने भी आरोप लगाया है कि यह घोटला कांग्रेस की सरकार के दौरान हुआ था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने ही इस घोटाले को पकड़ा है।
एसपी शुक्ला ने कहा, हम 2011 में सरकार में नहीं थे। अगर कांग्रेस आरोप लगा रही है तो क्या वह 2011-14 तक सो रही थी? उन्हें इसकी जांच करवानी चाहिए थी। मौजूदा सरकार हर समस्या पर कड़ा रुख अख्तियार कर रही है। कांग्रेस घोटालों की सरकार थी और उसे घोटालेबाजों को स्थापित किया।




पीएनबी के एमडी बोले- गलत काम को नहीं देंगे बढ़ावा
पीएनबी के एमडी सुनील मेहता का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी गलत काम को बढ़ावा नहीं देंगे। हम लोग इस चीज को धरातल पर लेकर आए हैं। घोटाले के बारे में हमारे अधिकारियों को 2011 में पता चला था, हमने संबंधित एजेंसियों को इस बारे में सूचना दी थी। हम खुद जांच एजेंसियों के पास गए थे। हम क्लीन बैंकिंग के लिए प्रतिबद्ध हैं।






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