हैदराबाद मे भाजपा की विचारधारा की बम्पर जीत !

 

हैदराबाद मे भाजपा की विचारधारा की बम्पर जीत !

नगर निगम (GHMC) चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ऐतिहासिक जीत 48 सीटो के साथ दूसरे नम्बर की पार्टी बनना ही बीजेपी की जीत है। साथ ही साथ

जिस प्रकार तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस, और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का गुप्त समझौता के बाद भी बीजेपी का दूसरे नम्बर की पार्टी बनना एक बहुत बडी जीत है, दरअसल, टीआरएस ने जहां-जहां अपने उम्मीदवार खड़े किए, वहां ज्यादातर सीटों पर ओवैसी की पार्टी ने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे। भाजपा ने 149 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, तो ओवैसी की पार्टी ने महज 51 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। टीआरएस ने सभी 150 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।


नगर निगम (GHMC) चुनाव 2016 के चुनाव मे मात्र 4 सीटे जीतने वाली पार्टी यदि 48 सीटो के साथ दूसरे नम्बर की पार्टी बनी, ये चुनाव इस बात का भी प्रमाण है कि
देश की जनता जाति धर्म देशविरोधी मानसिकता का विरोध करते हुए देश को जोडने देशहित मे वोट कर रही है बीजेपी के विचारधारा को अपना रही है क्योकि जिस प्रकार असदुद्दीन ओवैसी द्वारा इस चुनाव मे धर्म आधारित बयान दिये गये देश को  तोडने वाले बयान दिये गये उसको हैदराबाद की जनता ने सिरे से नकार दिये
इसमे ये भी विशेष रूप से उल्लिखित करना अत्यन्त आवश्यक है के असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने अपने उम्मीदवारो को मात्र उन्ही सीटो पर उतारे जहॉ मुस्लिम बहुल इलाका था, उनकी स्थिति मजबूत थी।

इस बार निगम चुनाव में भाजपा ने फायर ब्रांड नेताओं की पूरी फौज प्रचार के दौरान भाजपा ने उतार दी थी, भाजपा ने अपनी तरफ से इस लोकतंत्र के पर्व मे कोई कसर नही छोडी। भाजपा को उम्मीद थी कि पार्टी हैदराबाद का किला फतेह कर सकती है। इन चुनावों में अच्छा परफॉर्म करेगी, इसलिए शुरुआत से पूरी रणनीति बनाकर प्रचार किया गया। अब इसका परिणाम भी नजर रहा है। भाजपा को जीएचएमसी चुनाव के रुझानों में बहुमत मिला, जो पुर्णतया भाजपा की विचारधारा मोदी के विकास राष्ट्रवाद की जीत है।


भाजपा की परफॉर्मेंस जीएचएमसी चुनाव में ऐतिहासिक इसलिए भी कही जा सकता है, क्योंकि पिछले चुनावों में सिर्फ 4 सीटों पर दर्ज करने वाली पार्टी एक समय 70 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। ऐसे बेहद कम ही देखने को मिलता है। पिछले चुनाव में 99 सीटों पर जीत दर्ज करने वाली टीआरएस और 44 सीटें जीतने वाली असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने शायद ही कभी कल्पना की होगी कि भाजपा इतना अच्छा प्रदर्शन राज्य में कर पाएगी। हालांकि, भाजपा को कहीं कहीं इसका भरोसा था, इसलिए पार्टी ने इतना बड़ा दांव खेला। इस चुनावों में भाजपा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई दिग्गज नेताओं को प्रचार के लिए उतारा।

तेलंगाना में भविष्य की रणनीति के तहत भाजपा ने बड़ा दांव खेला है। भाजपा की ये रणनीति रही है कि ब्लॉक स्तर से शुरू कर ऊपर तक बढ़ना। अगर हैदराबाद का किला फतेह करने मे एक हद तक भाजपा सफल भी रही जिससे भाजपा की अब विधानसभा में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद जागेगी। अभी तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों में भाजपा के पास सिर्फ 2 सीट है। वहीं 17 लोकसभा सीटों में से उसके 4 सांसद हैं। हैदाराबाद के इलाके में विधानसभा की 24 सीटें आती हैं जबकि 5 लोकसभा सीट हैं।