दिल्ली की जनता का हत्यारा कौन ?


मित्रो मौजूदा समय पर हमारे देश की राजधानी दिल्ली की स्थिति अत्यन्त भयावह हो चुकी है, आक्सीजन की समस्या इतनी है के लगभग हर अस्पताल प्रतिदिन कम आक्सीजन को लेकर दिल्ली सरकार पर सवाल उठाते है आक्सीजन की कमी के कारण दिल्ली मे लगातार आम जनता मर रही है, बेड की समस्या कम नही हो पा रही है, दिल्ली मे लगातार मौत हो रही है दिल्ली के कथित मालिक श्री अरविन्द केजरीवाल द्वारा लगातार केन्द्र पर सारी जिम्मेदारी डाली जा रही है केन्द्र
सरकार सारी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार पर डाल रही है तो आखिर दिल्ली की जनता की लगातार हत्या करने वाले कौन है?


मित्रो
मौजूदा समय मे चीनी वायरस कोविड 19 ने पूरे भारत मे बडी भयावह स्थिति उत्पन्न कर दी है, लगभग हर जगह आम जनता चीनी वायरस से संक्रमित हो रहे है जिसके कारण काफी मृत्यु भी हो रही है किन्तु इन दिनो हमारे देश की राजधानी काफी सुर्खियों मे है क्योकि दिल्ली की हालत भी काफी भयावह हो चुकी है, किन्तु लगभग हर प्रदेश जैसे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, केरल, छत्तीसगढ, राजस्थान की सरकारे अपने तरीके से काफी प्रयास कर रही है जो काफी कारगर भी साबित हो रही है साथ ही साथ केन्द्र की मोदी सरकार भी काफी सहयोग प्रदान कर रही है। केन्द्र की मोदी सरकार ने 551 जिलो मे आक्सीजन संयत्र तैयार करने, आक्सीजन पहुचाने के लिए रेलवे वायुसेना के विमानो की मदद, मरीजो के लिए सेना द्वारा बेड तैयार कराना, विदेशो से आवश्यक चिकित्सीय संसाधन का दु्रत गति से आयात आदि अनेको कदम जिससे राज्य सरकारे की कोशिशो को काफी बल मिल रहा है जिसके लिए राज्य सरकारे लगातार केन्द्र सरकार को धन्यवाद भी दे रही है।     

 
दिल्ली के कथित मालिक श्री अरविन्द केजरीवाल द्वारा अबतक कोई विशेष प्रभावी कदम नही उठाये जा रहे है ही केन्द्र के द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे आक्सीजन या अन्य सुविधाओ का भी आम आदमी की सरकार सही प्रकार से दिल्ली की जनता को पहुचाने की कोशिश कर रही है फलस्वरूप दिल्ली की जनता काफी मुश्किल हालातो से जूझ रही है। केन्द्र द्वारा दिसम्बर 2020 मे ही आठ आक्सीजन प्लाण्ट बनाने के लिए फण्ड दिल्ली सरकार को दिये गये किन्तु दिल्ली सरकार ने मात्र एक ही आक्सीजन प्लाण्ट दिल्ली मे बनवाये जबकि अन्य राज्यो की सरकारे ने लगभग सभी प्लाण्ट जो केन्द्र द्वारा निर्देशित पैसे दिये गये थे बनवाये चालू करा दिये गये यहॉ तक कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने तो इस कठिन माहौल मे भी मात्र 3/4 दिन मे ही नये प्लाण्ट बनवाये साथ ही साथ केन्द्र द्वारा जारी की गयी अतिरिक्त आक्सीजन को उचित माध्यम से आम जनता तक पहुचाया वही दिल्ली की सरकार ने केन्द्र द्वारा प्रदत्त अतिरिक्त आक्सीजन को भी उचित परिवहन की व्यवस्था करके मात्र केन्द्र सरकार पर मिथ्या आरोप लगा रही है वही अन्य सरकारे मोदी सरकार को धन्यवाद दे रही है

तो आखिर क्या दिल्ली की आम जनता की मृत्यु की जिम्मेदार केन्द्र सरकार है?

          मित्रो वस्तुतः सच्चाई यह है कि केन्द्र सरकार अपनी तरफ से लगभग हर तरह से कोशिश कर रही है दिल्ली समेत अन्य राज्यो की सहायता करने की, जैसे आक्सीजन, वैक्सीन बेड अन्य चिकित्सीय संसाधन पहुचाकर किन्तु उन्हे उपयोग तो राज्य सरकारो को ही करना है वही इन सभी चिकित्सीय संसाधनो को आम जनता तक पहुचायेगी। केन्द्र सरकार द्वारा सरदार पटेल कोविड सेन्टर बनाकर जो दिल्ली का सबसे बडा कोविड अस्पताल है आक्सीजन का दिल्ली कोटा बढाना, आदि कई ऐसे कार्य है जो केन्द्र सरकार द्वारा दिल्ली की जनता के हित मे उठाए गये है किन्तु पर्याप्त नही साबित हुए।  अतएव ये तो सच है के मात्र केन्द्र सरकार को ही दोष देना न्यायोचित नही लगता किन्तु पूर्ण रूप से केन्द्र सरकार दिल्ली की जिम्मेदारी से भाग भी नही सकती है।आखिर क्या दिल्ली की आम जनता की मृत्यु की जिम्मेदार दिल्ली की चुनी हुई सरकार है?


वस्तुतः
दिल्ली की आम जनता की मौत के जिम्मेदार दिल्ली की चुनी हुई आम आदमी पार्टी की सरकार है क्योकि दिसम्बर 2020 मे पी.एम. केयर्स फण्ड के पैसे जो आक्सीजन प्लाण्ट बनाने के लिए मिले उसमे से मात्र एक ही आक्सीजन प्लाण्ट केजरीवाल सरकार ने बनाया, अरविन्द केजरीवाल के कथित विश्वस्तरीय मोहल्ला क्लीनिक इस आपदा मे कहीं नही दिखाई दिये, दिल्ली के टैक्स का अरविन्द केजरीवाल ने मात्र विज्ञापनो मे ही खर्च किया, पिच मेडिसन एडर्वटाईजिंग रिपोर्ट 2020 के अनुसार भारत मे सबसे बडे विज्ञापन प्रदाता है माननीय केजरीवाल जिन्होने वर्ष 2020 मे 140 करोर रू0 विज्ञापन मे खर्च किये है। यदि उक्त धन का दिल्ली की बेहतरी के लिए किया गया होता तो आज दिल्ली की हालत काफी अलग होती। 

दिल्ली की सरकार मौजूदा भयावह आपदा मे भी चुनावी अवसर की तलाश मे दिल्ली की आम जनता के हितो को ताक मे रखकर मात्र ओछी राजनीति कर रही है जैसे प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियो की मिटिंग को लाइव टेलीकास्ट करना, दिल्ली के विश्वस्तरीय मोहल्ला क्लीनिक मे किसी व्यवस्था का होना, केन्द्र द्वारा दी जा रही आक्सीजन को उचित परिवहन व्यवस्था कर सम्बन्धित अस्पतालो मे पहुचाना, केन्द्र द्वारा प्रदत्त धनराशि से आक्सीजन प्लाण्ट तैयार करना, कथित किसान आन्दोलन को लगातार समर्थन करना आदि कई गलतियॉ दिल्ली राज्य सरकार द्वारा की गई


अभी हाल मे ही माननीय उच्च न्यायालय दिल्ली ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार से मौजूदा हालात के सम्बन्ध मे जवाब मॉगा और कुछ कडी टिप्पणी की गई, जिसके कारण मात्र चापलूसी करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा अशोका होटल मे 100 कमरे माननीय उच्च न्यायालय दिल्ली के जजों, कर्मचारियो उनके परिवारीजन के इलाज हेतु प्रबन्ध किया गया जिस पर माननीय उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए केजरीवाल सरकार को काफी कडे शब्दो मे फटकार लगाई उनसे स्पष्ट तौर पर पूछा कि यदि आप दिल्ली की हालत नही संभाल सकते तो हम केन्द्र सरकार को ये जिम्मेदारी सौंपने पर विचार करे। अभी आम आदमी पार्टी के निर्वाचित विधायक शोएब इकबाल द्वारा दिल्ली मे राष्ट्रपति शासन की मॉग की गयी।


इन
सभी तथ्यो से यह पूर्ण रूप से परिलक्षित होता है कि दिल्ली की फ्री बिजली, पानी वाली सरकार यानि आम आदमी पार्टी की सरकार पूर्णतया विफल हो गयी है। मात्र विज्ञापन के भरोसे दिल्ली की आम जनता को असहाय बनाकर छोड दिया गया। दिल्ली के मालिक होने का दावा करने वाले अरविन्द केजरिवाल जिन राज्य सरकारो को लगातार दोष देते रहते है, आज उन्ही से मदद की मॉग कर रहे है जिन उद्योगपतियो को माननीय केजरिवाल चोर आदि कहकर गालियॉ देते थे आज उन्ही से मदद की गुहार लगा रहे है। सबसे हास्याप्रद विज्ञापन उनके द्वारा अभी दिया गया जिसमे वो लगभग सभी राज्यो के समाचार पत्रो मे आम नागरिको से आक्सीजन सिलेण्डर की मॉग करते है और ये विज्ञापन गुजरात, महाराष्ट्र आदि राज्यो मे प्रचारित किया गया इस विज्ञापन मे होने वाले खर्च से ही आधी दिल्ली के लिए आक्सीजन सिलेण्डर खरीदे जा सकते थे ये भी विचारणीय तथ्य है के आम जनता के पास कहॉ से आक्सीजन सिलेण्डर होगे यदि उक्त विज्ञापन के खर्चे से केजरीवाल जी किसी आक्सीजन सप्लायर से सिलेण्डर लेते तो भी दिल्ली वालो की काफी मदद हो सकती है किन्तु उक्त विज्ञापन भी पूर्णतया निष्प्रभावी हुआ किन्तु केजरीवाल जी का प्रचार हुआ


वस्तुतः
अन्ना आन्दोलन से उत्पन्न अरविन्द केजरीवाल मात्र प्रचार ढेंग, झूठ के ही दम पर सत्ता को हासिल किये पिछले चुनाव मे फ्री के नाम पर अपनी सत्ता बनाये रखे किन्तु उनके द्वारा दिल्ली की जनता के हित मे विज्ञापन के अतिरिक्त कोई भी प्रभावी कदम नही उठाये गये साथ ही साथ यहॉ ये भी उल्लेखनीय है कि माननीय अरविन्द केजरीवाल दोषारोपण मे काफी निपुण है इसीलिए मौजूदा वक्त मे भी उनकी पार्टी के नेतागण केन्द्र को दोषारोपण करते रहते है दूसरे राज्यो को नसीहत देते रहते है किन्तु स्वयं दिल्ली की जनता के हित मे प्रभावी कदम नही उठाये गये जिसका खामियाजा आज दिल्ली की जनता भुगत रही है किन्तु केजरीवाल सरकार का विज्ञापन आज भी टीवी, समाचारपत्रों मे जारी है केन्द्र पर दोषारोपण दूसरे राज्यो की सरकारो को उपदेश भी जारी है।

मित्रो! उपरेक्त तथ्यो के आधार पर मै यही कह सकता हू कि केन्द्र कुछ हद तक तो दिल्ली की मौजूदा हालात पर जिम्मेदार है किन्तु अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली की जनता के मौजूदा हालात की पूर्णरूपेण जिम्मेदार है, अगर दिल्ली की जनता की हत्या के जिम्मेदार अरविन्द केजरिवाल को माना जायेगा तो कोई अतिश्योक्ति होगी, क्योकि उनके द्वारा गैरजिम्मेदाराना रवैये से आज दिल्ली की जनता आक्सीजन अन्य चिकित्सीय सुविधाओ के अभाव मे प्राण गॅवा रही है।

तो आप बताईये क्या दिल्ली की जनता की हत्या के जिम्मेदार आम आदमी पार्टी के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही नही की जानी चाहिए?

क्या दिल्ली के मालिक के विरूद्ध दिल्ली की जनता की हत्या का आपराधिक कार्यवाही नही की जानी चाहिए?

क्या आम आदमी पार्टी के विधायक श्री शेएब इकबाल की मॉग पर दिल्ली की जनता के हित मे दिल्ली मे राष्ट्रपति शासन नही लगा देना चाहिए?


निर्णय
आप किजीए, आप निर्धारित किजीए और बचिए ऐसे तथाकथित समाज सुधारको से जो आन्दोलन करते समय कसम खाते है राजनीति करने की, किन्तु बाद मे मात्र अपने हितों को साधने हेतु सत्ता का सुख्. भोगते है आपको दिल्ली की जनता की भाति मरने के लिए छोड देते है। साथ ही साथ ये भी ध्यान रखिये कि आपको जो भी फ्री मे कुछ भी देने को कहते है वो उस फ्री की कीमत अरविन्द केजरिवाल की भॉति आपकी जान के माध्यम से वसूल भी सकते है, अतएव निर्णय आपका। आपको विकास चाहिए या फ्री की सुविधाएं? आपको तथाकथित आन्दोलनजीवी राजनीति चाहिए या विकास?

मित्रो, आपके विचारो निर्णय की प्रतिक्षा मे!